आगे आगे बढते जाओ...
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हम वह लड़ाई लडते हैं शोषण के जो विरूद्ध!
भ्रष्टाचारी भडक उठते हैं
इस जान के लेवा युद्ध!!
अधिकार को क्यों छोडें
क्यों इससे पीछे हटना!
सत्य साथ हरेक कदम
इसी पथ पर हमें डटना!!
असुर सोच के अत्याचारी
इनसे हम क्यों डरेंगे!
हम तो पहले सुधरे हुए हैं
अब तो वही सुधरेंगे!!
गरीब व्यक्ति ही क्यों झुके
शोषक कभी न झुकता!
लडना ही एकमात्र पथ है
आए शोषक लुढकता!!
केवल गरीब को उपदेश हैं
भ्रष्टाचारियों को खुली छूट!
गरीब यदि लडने को तत्पर
पीने नहीं पडें अपमान घूंट!!
अधिकार को नहीं छोडना
कर्तव्य को जरूर निभाना!
जीवन सफल हो जाएगा
पडेगा न कभी पछताना!!
अमीरों के झांसे न फंसना
पुरुषार्थ पर करो विश्वास!
इनके छल बल समझ लो
रहेगा जीवन में प्रकाश!!
झुको मत संघर्ष जरुरी
यदि तुम्हें आगे बढना है!
लूटेरों के चंगुल से बचकर
सफलता सीढी चढना है!!
हर कदम पर अन्याय है
जीवन एक सतत् संघर्ष !
हिम्मत का ही राम हिमाती
कभी नहीं होए अपकर्ष!!
लडो लडाई हरेक कदम
दब्बू कायर नही बनना है!
परिणाम मिले कोई भी
यह पथ अवश्य चुनना है!!
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आचार्य शीलक राम
आर्यावर्त चिंतन भारतीय दर्शन, सांस्कृतिक विमर्श और राष्ट्रचेतना पर केंद्रित एक वैचारिक एवं शोधपरक डिजिटल मंच है। यह मंच आचार्य शीलक राम जी के वैदिक-दार्शनिक चिंतन, सांस्कृतिक विश्लेषण और समकालीन सामाजिक-राजनीतिक प्रश्नों पर आधारित दृष्टिकोण को सुव्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करता है। यहाँ प्रस्तुत सामग्री में — * भारतीय दार्शनिक परंपराओं का विश्लेषणात्मक अध्ययन * आधुनिक शिक्षा और नैतिक विमर्श का आलोचनात्मक परीक्षण * राष्ट्र और समाज से संबंधित जटिल प्रश्नों का तर्कसंगत विवेचन * परंपरा और आधुनिकता
Monday, February 13, 2023
आगे आगे बढते जाओ...
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